Thursday, 26 January 2017

मौनी अमावस्या क‍ी पौराणिक कथा एवं महत्‍व

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. इस दिन सूर्य तथा चन्द्रमा गोचरवश मकर राशि में आते हैं. मौनी अमावस्या अथवा माघ स्नान 27 जनवरी 2017 के दिन है. इस दिन सृष्टि के निर्माण करने वाले मनु ऋषि का जन्म भी माना जाता है. ऎसा माना गया है कि इस दिन ब्रह्मा जी ने मनु महाराज तथा महारानी शतरुपा को प्रकट करके सृष्टि की शुरुआत की थी. इसलिए भी इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. मकर राशि, सूर्य तथा चन्द्रमा का योग इसी दिन होता है इसलिए भी इस अमावस्या का महत्व और बढ़ जाता है. इस दिन इलाहाबाद के संगम पर स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. कुछ विद्वानों के अनुसार इस दिन व्यक्ति विशेष को मौन व्रत रखना चाहिए. मौन व्रत का अर्थ है कि व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों को अपने वश में रखना चाहिए. धीरे-धीरे अपनी वाणी को संयत करके अपने वश में करना ही मौन व्रत है. कई लोग इस दिन से मौन व्रत रखने का प्रण करते हैं. वह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है कि कितने समय के लिए वह मौन व्रत रखना चाहता है. कई व्यक्ति एक दिन, कोई एक महीना और कोई व्यक्ति एक वर्ष तक मौन व्रत धारण करने का संकल्प कर सकता है.




Wednesday, 25 January 2017

26 जनवरी 2017 को रात्रि 7 बजकर 31 मिनट पर शनि करेंगे राशि परिवर्तन, जानें क्या होगा असर

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी समय में व्यक्ति, क्षेत्र, देश आदि की परिस्थितियों, घटनाओं पर ग्रहों की दशा, ग्रहों के परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है। ग्रहों के उलटफेर के चलते ही व्यक्ति से लेकर देश के जीवन तक में सामान्य से लगने वाले हालात एकदम असामान्य नज़र आने लगते हैं। इस नज़रिये से ग्रहों का राशि परिवर्तन काफी मायने रखता है। ग्रहों में कुछ का परिवर्तन विशेष रूप से मायने रखता है। सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध और शुक्र इस मामले में बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं माने जाते जबकि शनि, राहू-केतु व बृहस्पति का राशि परिवर्तन बहुत अहम माना जाता है। नव वर्ष 2017 में 26 जनवरी को रात्रि 7 बजकर 31 मिनट पर शनि का राशि परिवर्तन होगा। अलग-अलग राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा इस बारे में हमने एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य से परामर्श किया। इसी परामर्श पर आधारित इस लेख में जानें कैसे आपकी राशि को प्रभावित करेंगें शनि और कैसे आप बच सकते हैं शनि के नकारात्मक प्रभावों से।



Friday, 20 January 2017

जानिए किस ग्रह के लिए कब, कैसे और कौनसा पहनना चाहिए रत्न



रत्न यानी जेम्स स्टोन्स का ज्योतिष में काफी अधिक महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि रत्न पहनने से संबंधित ग्रह के दोषों का निवारण हो जाता है और जीवन में चल रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं। जानिए कौन सा रत्न किस ग्रह के लिए धारण किया जाता है और कौन से वार को कैसे धारण करना चाहिए…




Thursday, 19 January 2017

क्या आप जानते हैं ? 68 करोड तीर्थ देवताओं का रूप धारण करके अयोध्या धाम का दर्शन करने तथा सरयू स्नान करने प्रतिदिन आते हैं।







श्री राम जी ने स्वयं कहा है:-

अवधपुरी सम प्रिय नहि सोऊ।
यह प्रसंग जानइ कोउ कोऊ ।। 


एक बार लक्ष्मण जी ने तीर्थ यात्रा जाने के लिए श्री राम जी से प्रार्थना करने लगे । श्री राम जी ने यात्रा करने के लिए आज्ञा दे दी । आज्ञा देने के बाद श्री राम जी मुस्कराने लगे ।

Wednesday, 18 January 2017

आर्थिक तंगी दूर करने के लिए हनुमानजी के सामने करें 11 पीपल के पत्तों का यह उपाय

शास्त्रों के अनुसार हनुमानजी शीघ्र प्रसन्न होने वाले देवी-देवताओं में से एक हैं। गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरित मानस के अनुसार माता सीता द्वारा पवनपुत्र हनुमानजी को अमरता का वरदान दिया गया है। इसी वरदान के प्रभाव से इन्हें भी अष्टचिरंजीवी में शामिल किया जाता है। कलयुग में हनुमानजी भक्तों की सभी मनोकामनाएं तुरंत ही पूर्ण करते हैं।
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बजरंगबली को प्रसन्न करने के लिए कई प्रकार के उपाय बताए गए हैं। इन्हीं उपायों में से एक उपाय यहां बताया जा रहा है। इस उपाय को विधिवत किया जाए तो बहुत जल्दी सकारात्मक फल प्राप्त होते हैं। यह उपाय पीपल के पत्तों से किया जाता है।

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