वसंत उत्तर भारत तथा समीपवर्ती देशों की छह ऋतुओं में से एक ऋतु है, जो फरवरी मार्च और अप्रैल के मध्य इस क्षेत्र में अपना सौंदर्य बिखेरती है। ऐसा माना गया है कि माघ महीने की शुक्ल पंचमी से वसंत ऋतु का आरंभ होता है। फाल्गुन और चैत्र मास वसंत ऋतु के माने गए हैं। फाल्गुन वर्ष का अंतिम मास है और चैत्र पहला । इस प्रकार हिंदू पंचांग के वर्ष का अंत और प्रारंभ वसंत में ही होता है। इस ऋतु के आने पर सर्दी कम हो जाती है। मौसम सुहावना हो जाता है। पेड़ों में नए पत्ते आने लगते हैं। आम बौरों से लद जाते हैं और खेत सरसों के फूलों से भरे पीले दिखाई देते हैं अतः राग रंग और उत्सव मनाने के लिए यह ऋतु सर्वश्रेष्ठ मानी गई है और इसे ऋतुराज कहा गया है।
Saturday, 28 January 2017
Friday, 27 January 2017
Thursday, 26 January 2017
मौनी अमावस्या की पौराणिक कथा एवं महत्व
माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. इस दिन सूर्य तथा चन्द्रमा गोचरवश मकर राशि में आते हैं. मौनी अमावस्या अथवा माघ स्नान 27 जनवरी 2017 के दिन है. इस दिन सृष्टि के निर्माण करने वाले मनु ऋषि का जन्म भी माना जाता है. ऎसा माना गया है कि इस दिन ब्रह्मा जी ने मनु महाराज तथा महारानी शतरुपा को प्रकट करके सृष्टि की शुरुआत की थी. इसलिए भी इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. मकर राशि, सूर्य तथा चन्द्रमा का योग इसी दिन होता है इसलिए भी इस अमावस्या का महत्व और बढ़ जाता है. इस दिन इलाहाबाद के संगम पर स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. कुछ विद्वानों के अनुसार इस दिन व्यक्ति विशेष को मौन व्रत रखना चाहिए. मौन व्रत का अर्थ है कि व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों को अपने वश में रखना चाहिए. धीरे-धीरे अपनी वाणी को संयत करके अपने वश में करना ही मौन व्रत है. कई लोग इस दिन से मौन व्रत रखने का प्रण करते हैं. वह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है कि कितने समय के लिए वह मौन व्रत रखना चाहता है. कई व्यक्ति एक दिन, कोई एक महीना और कोई व्यक्ति एक वर्ष तक मौन व्रत धारण करने का संकल्प कर सकता है.
Wednesday, 25 January 2017
26 जनवरी 2017 को रात्रि 7 बजकर 31 मिनट पर शनि करेंगे राशि परिवर्तन, जानें क्या होगा असर
Friday, 20 January 2017
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