Saturday, 28 January 2017

जानिए क्या है वसंत ऋतु और बसन्त पंचमी का महत्व !!!!

वसंत उत्तर भारत तथा समीपवर्ती देशों की छह ऋतुओं में से एक ऋतु है, जो फरवरी मार्च और अप्रैल के मध्य इस क्षेत्र में अपना सौंदर्य बिखेरती है। ऐसा माना गया है कि माघ महीने की शुक्ल पंचमी से वसंत ऋतु का आरंभ होता है। फाल्गुन और चैत्र मास वसंत ऋतु के माने गए हैं। फाल्गुन वर्ष का अंतिम मास है और चैत्र पहला । इस प्रकार हिंदू पंचांग के वर्ष का अंत और प्रारंभ वसंत में ही होता है। इस ऋतु के आने पर सर्दी कम हो जाती है। मौसम सुहावना हो जाता है। पेड़ों में नए पत्ते आने लगते हैं। आम बौरों से लद जाते हैं और खेत सरसों के फूलों से भरे पीले दिखाई देते हैं अतः राग रंग और उत्सव मनाने के लिए यह ऋतु सर्वश्रेष्ठ मानी गई है और इसे ऋतुराज कहा गया है।




Friday, 27 January 2017

धन प्राप्ति के राशि अनुसार अचूक एवं सरल उपाय

Dhan Prapti Ke Rashi Anusar Upay : यदि आपको पर्याप्त मात्रा में धन की प्राप्ति नहीं हो रही है या आया हुआ धन आपके पास रूक नहीं रहा है तो आप राशि अनुसार निम्न ज्योतिष उपाय कर सकते है।





Thursday, 26 January 2017

मौनी अमावस्या क‍ी पौराणिक कथा एवं महत्‍व

माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. इस दिन सूर्य तथा चन्द्रमा गोचरवश मकर राशि में आते हैं. मौनी अमावस्या अथवा माघ स्नान 27 जनवरी 2017 के दिन है. इस दिन सृष्टि के निर्माण करने वाले मनु ऋषि का जन्म भी माना जाता है. ऎसा माना गया है कि इस दिन ब्रह्मा जी ने मनु महाराज तथा महारानी शतरुपा को प्रकट करके सृष्टि की शुरुआत की थी. इसलिए भी इस अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है. मकर राशि, सूर्य तथा चन्द्रमा का योग इसी दिन होता है इसलिए भी इस अमावस्या का महत्व और बढ़ जाता है. इस दिन इलाहाबाद के संगम पर स्नान करने से पुण्य फलों की प्राप्ति होती है. कुछ विद्वानों के अनुसार इस दिन व्यक्ति विशेष को मौन व्रत रखना चाहिए. मौन व्रत का अर्थ है कि व्यक्ति को अपनी इन्द्रियों को अपने वश में रखना चाहिए. धीरे-धीरे अपनी वाणी को संयत करके अपने वश में करना ही मौन व्रत है. कई लोग इस दिन से मौन व्रत रखने का प्रण करते हैं. वह व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है कि कितने समय के लिए वह मौन व्रत रखना चाहता है. कई व्यक्ति एक दिन, कोई एक महीना और कोई व्यक्ति एक वर्ष तक मौन व्रत धारण करने का संकल्प कर सकता है.




Wednesday, 25 January 2017

26 जनवरी 2017 को रात्रि 7 बजकर 31 मिनट पर शनि करेंगे राशि परिवर्तन, जानें क्या होगा असर

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार किसी भी समय में व्यक्ति, क्षेत्र, देश आदि की परिस्थितियों, घटनाओं पर ग्रहों की दशा, ग्रहों के परिवर्तन का प्रभाव पड़ता है। ग्रहों के उलटफेर के चलते ही व्यक्ति से लेकर देश के जीवन तक में सामान्य से लगने वाले हालात एकदम असामान्य नज़र आने लगते हैं। इस नज़रिये से ग्रहों का राशि परिवर्तन काफी मायने रखता है। ग्रहों में कुछ का परिवर्तन विशेष रूप से मायने रखता है। सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध और शुक्र इस मामले में बहुत ज्यादा प्रभावी नहीं माने जाते जबकि शनि, राहू-केतु व बृहस्पति का राशि परिवर्तन बहुत अहम माना जाता है। नव वर्ष 2017 में 26 जनवरी को रात्रि 7 बजकर 31 मिनट पर शनि का राशि परिवर्तन होगा। अलग-अलग राशियों पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा इस बारे में हमने एस्ट्रोयोगी ज्योतिषाचार्य से परामर्श किया। इसी परामर्श पर आधारित इस लेख में जानें कैसे आपकी राशि को प्रभावित करेंगें शनि और कैसे आप बच सकते हैं शनि के नकारात्मक प्रभावों से।



Friday, 20 January 2017

जानिए किस ग्रह के लिए कब, कैसे और कौनसा पहनना चाहिए रत्न



रत्न यानी जेम्स स्टोन्स का ज्योतिष में काफी अधिक महत्व बताया गया है। ऐसा माना जाता है कि रत्न पहनने से संबंधित ग्रह के दोषों का निवारण हो जाता है और जीवन में चल रही परेशानियां खत्म हो सकती हैं। जानिए कौन सा रत्न किस ग्रह के लिए धारण किया जाता है और कौन से वार को कैसे धारण करना चाहिए…




Popular Posts!