Thursday, 23 March 2017
पढ़ें दशामाता की यह पौराणिक कथा
दशामाता व्रत की प्रामाणिक कथा के अनुसार प्राचीन समय में राजा नल और दमयंती रानी सुखपूर्वक राज्य करते थे। उनके दो पुत्र थे। उनके राज्य में प्रजा सुखी और संपन्न थी। एक दिन की बात है कि उस दिन होली दसा थी। एक ब्राह्मणी राजमहल में आई और रानी से कहा- दशा का डोरा ले लो। बीच में दासी बोली- हां रानी साहिबा, आज के दिन सभी सुहागिन महिलाएं दशा माता की पूजन और व्रत करती हैं तथा इस डोरे की पूजा करके गले में बांधती हैं जिससे अपने घर में सुख-समृद्धि आती है। अत: रानी ने ब्राह्मणी से डोरा ले लिया और विधि अनुसार पूजन करके गले में बांध दिया।
Wednesday, 22 March 2017
जानिए किस रंग की बांसुरी को कहां रखने से मिलता है क्या फल
Vastu Tips For Flute : बांसुरी भगवान कृष्ण की प्रिय होने के कारण बहुत ही पवित्र मानी जाती है। पवित्र होने के साथ-साथ वास्तु में भी बांसुरी का खास स्थान माना जाता है। अलग-अलग रंग और प्रकार की बांसुरी अलग-अलग फल देने वाली मानी जाती है। अपने मनोकामना पूरी करने के लिए हर किसी को अपनी इच्छा के अनुसार बांसुरी रखनी चाहिए। आइए जानते है कौन-सी इच्छा पूरी करने के लिए किस रंग या प्रकार की बांसुरी रखनी चाहिए-
Thursday, 16 March 2017
Tuesday, 14 March 2017
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